यूरोप में हवाई किराए में इस साल की शुरुआत से ही लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया।हवाई किराए का औसत स्तर दो हज़ार पच्चीस में अचानक तेज़ी से बढ़ गया है।
नए भू-राजनीतिक हालात और मौसमीय मांग से टिकट के दामों में बड़ा बदलाव महसूस हुआ।
दो हज़ार पच्चीस अप्रैल में बारह महीने पहले के मुकाबले हुयी तेरह प्रतिशत की सबसे तेज़ वृद्धि।गर्मी में बढ़ोतरी बढ़ी नहीं, लेकिन दो हज़ार छब्बीस की शुरुआत में कीमतें थोड़ी कम हो गईं।
फरवरी-मार्च में दरें फिर उछलीं और अप्रैल में चार प्रतिशत की गिरावट आई।कुछ देशों में बेल्जियम में है भारी बढ़ोतरी, जबकि स्लोवाकिया, पोलैंड में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई।
